अब हरियाणा के टोहना में पुलिस थाने के बाहर क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं किसान?

हरियाणा के फतेहाबाद के टोहना इलाके में राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव समेत कई किसान नेता धरने पर बैठे हैं. वजह है दो किसान नेताओं की  गिरफ्तारी. मौके पर सैकड़ों किसान जमा हैं और पुलिस थाने के बाहर टेंट आदि लगा रहे हैं. शनिवार 5 जून की रात भी किसान यहां जमे थे. राकेश टिकैत और अन्य किसान नेताओं ने कहा है कि जब तक गिरफ्तार किसानों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक ये धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा.

क्या है पूरा मामला?

एक जून को जननायक जनता पार्टी के विधायक देवेंद्र सिंह बबली के खिलाफ किसानों के समूह ने प्रदर्शन किया. उनके खिलाफ नारेबाजी करने के साथ-साथ काले झंडे दिखाए. जेजेपी एमएलए देवेंद्र बबली ने आरोप लगाया था कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उनकी एसयूवी कार के सामने के शीशे को तोड़ दिया.  काफिले में शामिल लोगों के साथ मारपीट का भी आरोप है.

इसके बाद गुस्से में विधायक ने किसानों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी. पुलिस ने इस मामले में खुद से मामला दर्ज किया और दो किसान नेताओं रवि आज़ाद और विकास सीसर को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में विरोध के लिए काफी संख्या में किसान, टोहना पुलिस स्टेशन पहुंच गए. पुलिस और प्रशासन के साथ किसानों की कई बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन मामला अभी भी खत्म होता नहीं दिख रहा है.

किसानों का क्या कहना है?

संयुक्त किसान मोर्चा के गुरनाम सिंह चढ़ूनी, योगेंद्र यादव और राकेश टिकैत मौके पर हैं. किसान नेताओं ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि वो मौके से तब तक नहीं हटेंगे जब तक कि गिरफ्तार किसानों को रिहा नहीं किया जाता है. किसान नेताओं का कहना है कि अगर गिरफ्तार किसानों को रिहा नहीं किया जा रहा है तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाए. किसानों और स्थानीय प्रशासन के बीच बैठकों के कई दौर हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है.

विधायक देवेंद्र सिंह बबली ने मांगी माफी

इस पूरे मामले में जेजेपी विधायक देवेंद्र सिंह बबली ने अपनी अशोभनीय टिप्पणी के लिए माफी मांग ली है. उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं बोलना चाहिए था और अपनी टिप्पणी के लिए वे माफी मांगते हैं. उन्होंने कहा,

“मैं एक सरकारी कार्यक्रम में जा रहा था जब मुझ पर हमला हुआ. मुझे भरोसा है जिन्होंने ये हमला किया वे लोग किसान नहीं थे. उस वक्त गुस्से में मैंने कुछ गलत शब्द बोले थे जिनके लिए मैं माफी मांगता हूं. हालांकि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा.”

किसान नेताओं ने कहा कि बबली ने माफी मांग ली है और अब गिरफ्तार नेताओं को भी रिहा कर दिया जाना चाहिए, लेकिन पुलिस-प्रशासन से जुड़े लोगों ने कहा कि इस तरह वे गिरफ्तार आरोपियों को रिहा नहीं कर सकते हैं. उन्हें कानूनी राय लेनी होगी.


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