ऐसा क्या हुआ कि इस शख्स को लिखना पड़ा- ‘मेरा नाम कोविद कपूर है और मैं वायरस नहीं हूं’

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संजय दत्त और उर्मिला मातोंडकर की 1999 में फिल्म आई थी ‘खूबसूरत’. उसके बाद से शिवानी नाम की लड़कियों का जीना जैसे हराम हो गया था. स्कूल और आस-पड़ोस के बच्चे ‘ऐ, शिवानी तू लगती है नानी’ वाले गाने गाते हुए मज़ाक उड़ाते रहते थे. वो स्कूली बच्चे अब बड़े हो गए हैं. सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर ये मोर्चा संभाल रहे हैं. ‘सोनम गुप्ता बेवफा है’ और ‘श्वेता, योर माइक इज ऑन’ वाले ट्रेंड पर अपने लिस्ट में इस नाम की सभी लड़कियों को चिढ़ानेवालों के हाथ 2020 में कुछ ‘बड़ा’ लग गया. इसी साल आई महामारी कोविड-19. और इसके बाद कोविद कपूर (Kovid Kapoor) नाम के शख्स की जिंदगी बदल गई, जज्बात बदल गए, हालात बदल गए. पहले परिचय करा देते हैं कि ये है कौन. तो ये हॉलिडिफाई नाम की ट्रैवेल कंपनी के को-फाउंडर हैं. अपने नाम के कारण आजकल काफी चर्चा में हैं. देखिए उनका ये ट्वीट.

‘माय नेम इज कोविद एंड आई एम नॉट अ वायरस’

बेंगलुरु के 31 वर्षीय बिजनेसमैन कोविद की लाइफ कोरोना महामारी के बाद कितनी बदली है, इसका अंदाजा तो उनके ट्विटर बायो से ही लगाया जा सकता है. इसमें लिखा है, ‘माय नेम इज कोविद एंड आई एम नॉट अ वायरस’. दो दिन पहले कोविद कपूर ने महामारी के बाद अपनी पहली ट्रैवलिंग का एक्सपीरियंस शेयर किया. उन्होंने लिखा,

कोविड के बाद पहली बार भारत से बाहर गया और कई लोगों को अपने नाम पर चकित होते हुए देखा. भविष्य के विदेश ट्रिप्स काफी मजेदार होने वाले हैं.

उनके इस ट्वीट को इतना तगड़ा रिस्पॉन्स मिला कि उन्होंने एक पूरा थ्रेड पोस्ट कर बीते महीनों हुए कुछ मजेदार और फनी एक्सपीरियंस साझा किए. कोविद ने लिखा,

क्योंकि मेरा पिछला थ्रेड काफी वायरल हो गया और मुझे मिनी सेलेब जैसा महसूस हो रहा है, इसलिए अब सोचा है कि मैं अपने नाम से रिलेटेड कुछ और फनी घटनाएं साझा करूं.

इस थ्रेड से पता चलता है कि कैसे उनके बर्थडे पर बेकर्स ने नाम को Kovid से बदलकर Covid करने की जेनुइन गलती की थी.

गूगल उनसे अब भी कंफर्म करता है कि क्या वो अपने नाम की सही स्पेलिंग लिख रहे हैं.

कोविद ने पोस्ट किया है कि एक बार स्टारबक्स में कॉफी देते हुए कैसे उनके नाम के मजे लिए गए थे. उसके बाद अब वो ज्यादार फेक नाम का इस्तेमाल करते हैं. थ्रेड में उन्होंने कोरोना बियर के साथ अपनी फोटो भी पोस्ट की. 2020 से पहले अपने नाम और उस बीयर के कनेक्शन के बारे तो किसी और ने क्या खुद उन्होंने नहीं सोचा होगा.

कोविद लिखते हैं कि डिलीवरी बॉइज, एयरपोर्ट सिक्योरिटी, होटल स्टाफ जैसे कई लोगों के साथ उनके काफी फनी एक्सपीरियंस रहे और शायद आगे भी चलते जाएं. उन्होंने अपने नाम का असली मतलब भी बताया है. लिखा,

जो लोग मेरा थ्रेड पढ़कर सोच रहे हैं कि असल में मेरे नाम का क्या मतलब है, उन्हें मैं बता दूं कि इसका मतलब है- Scholar/Learned (विद्वान). (ये) हनुमान चालीसा (जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते कवि कोविद कहि सके कहाँ ते) में भी आता है. इसको कोविड नहीं कोविद उच्चारित करते हैं.

कोविद कपूर का ट्वीट इतना वायरल हो रहा है कि वेरिफाइड यूजर्स भी इस पर रिएक्ट कर रहे हैं. तहसीन पूनावाला ने लिखा,

तो कैसे रिएक्शन मिलते हैं आपको…. कोविद, आपसे मिलकर अच्छा लगा.

 

लायड मैथियास ने कोविद के ट्विटर होमपेज का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा,

हे कोविद, पॉजिटिव रहिए.

वहीं, लोग कह रहे हैं कि आप दुनिया के ऐसे इंसान होंगे जो कह सकते हैं कि 2020 और 2021 आपका साल था.
एक यूजर ने पूछा कि क्या आपका नाम वाकई कोविद है, तो इसके जवाब में उन्होंने लिखा, ‘अब जब भी किसी को शक होता है तो मैं तुरंत अपना पैन कार्ड उन्हें दिखा देता हूं.’

इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में कोविद ने बताया कि अब उन्होंने ऐसे जोक्स से दोस्ती कर ली है. लेकिन, जब कभी मूड ठीक ना हो या बात करने की इच्छा न हो तो वो बचने के लिए कबीर कपूर या कोई दूसरे नाम का इस्तेमाल कर लेते हैं.


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