कपिल देव चाहते हैं शुभमन गिल की जगह इस खिलाड़ी को मिलना चाहिए मौका!

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शुभमन गिल की चोट को लेकर ढेर सारे सवाल उठ रहे हैं. कई पूर्व क्रिकेटर्स ये सवाल उठा रहे हैं कि आखिर क्यों इतने ज़रूरी दौरे के लिए शुभमन गिल ने अपनी चोट छिपाई. इसी बीच भारतीय टीम में उनके विकल्प के सवाल पर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान कपिल देव का मानना है कि किसी भी अन्य खिलाड़ी को इंग्लैंड में दल से नहीं जोड़ना चाहिए.

कपिल देव का कहना है कि किसी भी दौरे के बीच में टीम में बदलाव करना टीम में पहले से मौजूद खिलाडियों का अपमान करने जैसा है. साथ ही यह सेलेक्टर्स के फैसले को चुनौती देने जैसा भी है.

भारतीय टीम 20 खिलाड़ियों के दल के साथ इंग्लैंड दौरे के लिए पहुंची है. हालांकि भारतीय टीम के पास यह मौका है कि अगर उनका कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाता है या किसी भी वजह से वापिस भारत लौट आता है तो भारतीय टीम किसी अन्य खिलाड़ी को अपने दल में जोड़ सकती है. हालांकि कपिल देव इस रणनीति से सहमत नहीं हैं. उन्होंने ABP न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि यह सही रणनीति नहीं है.

शुभमन की जगह एक अतिरिक्त बल्लेबाज शामिल करने की बात पर कपिल ने कहा,

”मैं इस रणनीति से बिलकुल भी सहमत नहीं हूं. भारतीय बोर्ड ने जिस टीम का चयन किया था, उस टीम में पहले से ही अतिरिक्त सलामी बल्लेबाज मौजूद हैं. अगर शुभमन नहीं खेलते हैं तो जाहिर सी बात है उन बल्लेबाजों को मौका दिया जाना चाहिए.

आपके पास के.एल राहुल और मयंक अग्रवाल जैसे सलामी बल्लेबाज पहले से ही हैं. ऐसे में मुझे नहीं लगता कि भारतीय टीम को तीसरे विकल्प की जरुरत है. वैसे भी ऐसा करना टीम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों का अपमान करने जैसा होगा.”

मयंक अग्रवाल की फाइल फोटो.

क्या होगा सिलेक्टर्स के फैसले का उलंघन?

कपिल देव का ये भी मानना है कि बीच दौरे में टीम में इस तरह बदलाव करना सिलेक्टर्स के फैसले का उल्लंघन करने जैसा है. कपिल देव ने कहा कि जब एक दौरे के लिए टीम भेजी जाती है तो उसमे सिलेक्टर्स के साथ साथ टीम के कप्तान और कोच की भी सहमति होती है. ऐसे में उन्हीं खिलाडियों पर भरोसा दिखाया जाना चाहिए जिन्हें सिलेक्टर्स ने चुना है. कपिल ने कहा,

”हमे सिलेक्टर्स के लिए फैसले का सम्मान करना चाहिए. अगर उन्होंने कोई टीम चुनी है तो कुछ सोच समझ कर ही चुनी होगी. और मुझे पूरा यकीन है कि कप्तान और कोच की सहमति भी उस फैसले में जरूर होगी. ऐसे में हमे सिलेक्टर्स के फैसले पर सवाल नहीं उठाने चाहिए.

अगर मैनेजमेंट और कप्तान कहने लगें कि हमें ये ये खिलाडी अपनी टीम में चाहिए तो फिर सिलेक्टर्स का काम ही क्या रह जाएगा. अगर ऐसा है तो मैं इससे सहमत नहीं हूं.”

भारतीय टीम का इंग्लैंड दौरा 4 अगस्त से शुरू हो रहा है. भारतीय टीम इंग्लैंड के साथ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी. इस सीरीज़ के साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का नया सत्र भी शुरू होगा. WTC की हार और शुभमन गिल की चोट के बाद भारतीय टीम किस प्लेइंग इलेवन के साथ जाएगी. ये देखना होगा.

इस स्टोरी को लिखा है हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहे प्रवीण नेहरा ने.


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