पत्नी से दूर रहने के लिए खुद ही कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बना ली, पर फंस गया

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मध्य प्रदेश का इंदौर. यहां एक व्यक्ति पर आरोप है कि पत्नी से दूर रहने के लिए उसे खुद से कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बना ली और खुद को पॉजिटिव बता दिया. घर पर बोल दिया कि वह कोविड सेंटर में भर्ती है. 14 दिन की बजाय, जब वो एक महीने तक घर नहीं लौटा, तो उसकी पत्नी को शक हुआ. उसने पति की कोरोना रिपोर्ट अपने पापा को भेजी. जब उन्होंने उस रिपोर्ट की लैब से जांच करवाई तो पता चला कि रिपोर्ट फेक है. अब लैब ने महिला के पति पर FIR दर्ज करवा दी है.

क्या है मामला?

धर्मेंद्र कुमार शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी महू में प्लाईवुड कारोबारी का बेटा है. नाम एज़ाज अहमद है. फरवरी, 2021 में उसकी शादी हुई थी. किसी कारण एज़ाज की मैरिज लाइफ तनावपूर्ण चल रही थी. उसकी पत्नी से अनबन होने लगी तो वह पत्नी से दूर रहना चाह रहा था. पुलिस का कहना है कि एज़ाज ने 25 मई को एक फोटोशॉप एप डाउनलोड किया और इंदौर के सेंट्रल लैब के एक पीड़ित व्यक्ति की कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट को अपने नाम से बदल कर परिवार को दिखा दी. इससे कोरोना पॉजिटिव मानकर पत्नी और परिवार वाले उससे दूर हो गए.

इस तरह खुली पोल

पत्नी को शक हुआ कि एज़ाज तो घर पर ठीक थे और कोरोना के कोई लक्षण भी नहीं थे. फिर कोरोना कैसे हो गया. एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद पत्नी ने अपने पिता को इस रिपोर्ट की जांच करने को कहा. पिता ने तुरंत सेंट्रल लैब की वेबसाइट से उसका टोल फ्री नंबर तलाशा और लैब द्वारा SRF आईडी नंबर चेक कराया. लैब की तरफ से बताया कि कोविड रिपोर्ट के साथ छेड़छाड़ कर मरीज के नाम की जगह एजाज ने अपना नाम एडिट किया है. वहीं रिपोर्ट की कॉपी आने पर सेंट्रल लैब की संचालिका विनीता कोठारी ने थाने में 2 जुलाई को शिकायत की. पुलिस ने एजाज के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है.

फर्जी रिपोर्ट के मामले पहले भी आए

अभी हाल में फर्जी कोरोना रिपोर्ट के कई मामले सामने आए. और उनमें केस भी दर्ज हुए.  महाराष्ट्र में हॉस्पिटल का वॉर्ड बॉय प्राइवेट लैब के लोगों को नकली कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट बनवाने में मदद करता था. अब वो पकड़ा गया. पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया है. वहीं, कुछ दिन पहले रांची से भी कुछ लोग अरेस्ट किए गए थे. पुलिस ने दो को रांची एयरपोर्ट से पकड़ा था. वह दोनों हवाई यात्रा करने वालों को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट बनाकर देते थे. इसी तरह का एक मामला उत्तराखंड से सामने आया था जहां कुंभ के समय निजी लैबों ने लाखों फर्जी निगेटिव रिपोर्ट तैयार कर दीं थीं.  दरअसल कुंभ के दौरान उत्तराखंड सरकार ने आरटी-पीसीआर और एंटीजन टेस्ट करवाने के लिए कुल 20 प्राइवेट लैब के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया था. लेकिन अब इन निजी लैबों ने सरकार से ज्यादा से ज्यादा पैसे वसूलने के लिए फर्जी रिपोर्ट बनाना शुरू कर दिया और लाखों की संख्या में निगेटिव रिपोर्ट  जारी कर दीं.


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