पहाड़ों पर सैलानियों की ये भीड़ कोरोना वायरस की तीसरी लहर को बुलावा नहीं है?

0

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर अपना प्रचंड रूप दिखाकर खत्म हो चुकी है. अब तीसरी लहर की संभावना को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हो रही हैं. लेकिन कुछ लोगों को ना तो इस खतरे की फिक्र है और ना ही वे इसकी चर्चा में दिलचस्पी रखते हैं. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं कि क्योंकि कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर के खतरे के बावजूद लोगों ने घूमना-फिरना शुरू कर दिया है. वे बड़ी संख्या में पर्यटन के लिए निकल रहे हैं. दिल्ली और आसपास के इलाकों में गर्मी बढ़ने की खबरों के बीच उत्तराखंड और हिमाचल में सैलानियों की संख्या बढ़ती दिख रही है. दूसरी तरफ, कई लोगों ने सवाल किया है कि क्या ये कोरोना तीसरी लहर को दावत देना नहीं है.

पहाड़ों पर लगी पर्यटकों की भीड़

सोशल मीडिया पर पहाड़ी इलाकों में गए सैलानियों की तस्वीरें भरी पड़ी हैं. मनाली, नैनीताल, और मसूरी की तस्वीरें खासी वायरल हो रही हैं. इनमें पर्यटकों की भीड़ देखी जा सकती है. ये देख कई सोशल मीडिया यूजर्स भड़के हुए हैं. वे लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं.

हिमाचल प्रदेश के मनाली में इन दिनों भारी भीड़ है. पर्यटन सेक्टर के लिए ये बेशक खुशखबरी की बात है, लेकिन चिंता की बात ये है कि वहां घूमने गए लोग ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रख रहे हैं और ना ही मास्क पहनने का. सवाल किया जा रहा है कि पुलिस और प्रशासन इस बारे में क्यों कुछ नहीं कर रहा है.

मनाली की ये तस्वीर 3 जुलाई की है. फोटो सोर्स- PTI

मनाली की तरह शिमला में भी सैलानियों की भारी भीड़ है. हालात सामान्य होते तो हम भी यही लिखते कि शिमला सैलानियों से गुलजार है. लेकिन कोरोना काल के मद्देनजर ये भीड़ चिंता का सबब बनी हुई है. आलम ये है कि शिमला आने-जाने के रास्तों पर कई जगह जाम की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में कोविड संक्रमण के चलते सरकारी प्रोटोकॉल का पालन कर रहे लोगों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है.

Shimla
शिमला में आने जाने वालों पर जाम की स्थिति है. फोटो सोर्स- PTI

उत्तराखंड के नैनीलात में भी पर्यटकों की भीड़ उमड़ी हुई है. यहां के स्थानीय होटल भरे हुए हैं. माल रोड पर लोग कोरोना की चिंता किए बना आराम से घूमते दिख रहे हैं. नैनीतल में पर्यटकों की भीड़ इतनी है कि कई जगहों पर पुलिस तैनात कर लोगों की गतिविधियों को रोकना पड़ा है.

Nainital
नैनीताल में भीड़ का आलम तस्वीर में दिख रहा है. फोटो सोर्स- @DevendraPincha, twitter

सोशल मीडिया पर उमड़ा गुस्सा

एक ट्विटर यूजर ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए लिखा,

“जिस तरह से कुल्लू मनाली में होटल फुल हैं, पर्यटकों की लंबी लाइनें लगी हैं, लगभग बाढ़ सी आ गई है, ना तो समाजिक दूरी है ना मास्क है! लेकिन हिमाचल पुलिस पर्यटकों से कुछ नहीं पूछेगी. हाँ आम गरीब हिमाचली दिहाड़ी लगाकर आएगा तो उसका बिना मास्क का चालान जरूर काटेगी. प्रशासन कर क्या रहा है?”

एक अन्य ट्विटर यूजर वेद प्रकाश शर्मा ने लिखा,

“कोरोना की रफ्तार जरा सुस्त क्या पड़ी, हमने सारे एहतियात ताख पर रख दिए. ये मनाली की तस्वीर है. जहां होटल में कमरे नहीं मिल रहे. ऐसा ही रहा तो जल्द ही फिर हॉस्पिटल में बेड भी नहीं मिलेंगे. और तीसरी लहर की तबाही शुरू हो जाएगी.”

डीडी न्यूज़ हिमाचल ने भी ट्विटर पर बताया,

“पिछले 30 घंटों के दौरान 7,357 वाहन शोघी बैरियर से हिमाचल प्रदेश के ज़िला शिमला में दाखिल हुए. शिमला में पर्यटक वाहनों की संख्या ज्यादा है. पुलिस ने पर्यटकों से उचित व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया.”

ट्विटर पर अक्षय नाम के यूजर ने शिमला रिज की तस्वीरें पोस्ट की हैं. इनमें काफी भीड़ देखी जा सकती है, जिसमें कई लोगों ने मास्क नहीं लगाए हैं और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा है.

अब ये नैनीताल की तस्वीर देखिए. इनको पोस्ट किया है ट्विटर यूजर देवेंद्र ने, उन्होंने लिखा है,

“नैनीताल 4 जुलाई 2021. क्या हम वही गलती तो नहीं कर रहे जो कोरोना के पहले फेज के बाद की?”

देवेंद्र और अन्य लोगों की बातें महत्वपूर्ण हैं. हमें नहीं भूलना चाहिए कि कोरोना वायरस की पहली लहर से उबरने के बाद जिस तरह लोगों ने हालात को बिल्कुल सामान्य समझकर व्यवहार किया, उसका प्रचंड दूसरी लहर के पैदा होने में बड़ा हाथ रहा. लेकिन दूसरी तरफ इससे भी इन्कार नहीं किया जा सकता कि इस स्वास्थ्य संकट ने जहां सरकार के सामने अर्थव्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया, वहीं लोगों के लिए भी अपनी आजीविका को फिर से बहाल करना एक चुनौती बन गया. कोरोना काल में जिन क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ा है, उनमें पर्यटन भी शामिल है.

लेकिन ये भी तो नहीं कहा जा सकता कि चूंकि दूसरी लहर खत्म हो गई है, इसलिए लोगों को पहले की तरह बाहर निकलना शुरू कर देना चाहिए, क्योंकि तीसरी लहर का खतरा सबके सिर पर मंडरा रहा है. ऐसे में लोगों को यही कहा जा सकता है कि जब तक बहुत जरूरी ना हो, वे घूमने-फिरने का प्रोग्राम बनाने से परहेज करें. कहीं जाएं तो मास्क जरूर पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करें.


वीडियो- कोरोना कवरेज: बिहार में लॉकडाउन के बावजूद शादियों में धड़ल्ले से जुट रही भीड़, कोई प्रोटोकॉल नहीं





Source link

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.