बड़े पुलिस अधिकारी पर नाबालिग के रेप का आरोप, चार साल पहले पत्नी ने ही की थी शिकायत

बिहार का गया ज़िला. यहां एक डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस यानी DSP के खिलाफ रेप का केस दर्ज हुआ है. गया पुलिस ने जिस मामले में केस फाइल किया है, वो चार साल पुराना है. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के वक्त पीड़ित लड़की 14 साल की थी, माने नाबालिग थी. आरोपी DSP का नाम कमलकांत प्रसाद है. उनकी पत्नी ने ही चार साल पहले मामले की शिकायत पुलिस में की थी.

कमलकांत प्रसाद इस वक्त पटना में सेंट्रल सलेक्शन बोर्ड ऑफ कॉन्सटेबल में पोस्टेड हैं. 27 मई के दिन गया विमन पुलिस स्टेशन में FIR फाइल की गई है. थाना इनचार्ज रवि रंजना ने बताया-

“CID(वीकर सेक्शन्स) के निर्देश पर DSP के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. विक्टिम और उसके भाई के बयान भी रिकॉर्ड किए जा चुके हैं. CID के सीनियर अधिकारी इस केस को मॉनिटर कर रहे हैं, वो हमें जैसा निर्देश देंगे हम उसके मुताबिक काम करेंगे.”

क्या हुआ था चार साल पहले?

FIR के मुताबिक, साल 2017 में कमलकांत की पोस्टिंग गया पुलिस हेडक्वार्टर में थी. पत्नी पटना में रहती थी. पत्नी की मदद के लिए घर का काम करने के लिए वो 14 साल की लड़की को पटना भेज रहे थे. लेकिन वहां ले जाने के पहले एक रात गया में उन्होंने लड़की को अपने घर रखा और इसी दौरान कथित तौर पर उसका रेप किया. लड़की जब DSP की पत्नी के पास पटना पहुंची, तो पूरी घटना के बारे में बताया. तब कमलकांत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई. साल 2019 में ये मामला CID (वीकर सेक्शन) को सौंप दिया गया. और अब CID के निर्देश पर ही गया महिला थाना में कमलकांत के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, SHO रवि रंजना ने बताया कि जो FIR 27 मई को दर्ज हुई है, वो पीड़ित लड़की के भाई की लिखित शिकायत के आधार पर हुई है. इस लिखित शिकायत के साथ CID (वीकर सेक्शन) का निर्देश वाला लेटर भी संलग्न था. पुलिस ने भाई की लिखित शिकायत के आधार पर बताया-

“साल 2016 में लड़की का पहले भी एक बार रेप हुआ था, गांव के ही एक लड़के पर आरोप लगे थे, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था और सज़ा भी सुना दी गई थी. लेकिन घटना के बाद लड़की का भाई चाहता था कि सोशल स्टिगमा से दूर करने के लिए वो अपनी बहन को कहीं और भेज दे. तब कमलकांत से उसकी मुलाकात हुई, उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी पटना में प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी कर रही है और घर के काम में मदद के लिए कोई चाहिए. कमलकांत ने लड़की को मुफ्त खाना और शिक्षा देने का भी ऑफर दिया था. इसके बाद लड़की को DSP के आधिकारिक आवास में छोड़ दिया गया, ताकि अगले दिन वो उसे पटना ले जा सके.”

गया पुलिस का कहना है कि वो इस मामले की जांच कर रहे हैं. और IPC समेत पॉक्सो एक्ट की कुछ धाराओं में भी आरोपी के खिलाफ केस हुआ है. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, DSP की पत्नी को जब FIR के बारे में पता चला तो उन्होंने इसका समर्थन किया. बताया कि उनके पति ने पहले भी इस तरह की हरकत की थी. वो काफी पहले से अपने पति के खिलाफ आवाज़ उठाना चाहती थीं, लेकिन उनके ससुराल वाले इसे दबा देते थे. कमलकांत और उनकी पत्नी अब सेपरेट हो चुके हैं.


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