बुल्ली बाई मामले के ‘मुख्य साजिशकर्ता’ नीरज बिश्नोई के पिता ने उसके बारे में क्या बताया?

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बुल्ली बाई ऐप के ‘मुख्य साजिशकर्ता और डेवलेपर’ को बुधवार 5 जनवरी को असम से गिरफ्तार कर लिया गया. दिल्ली पुलिस की तीन सदस्यीय टीम ने जोरहाट पुलिस के साथ मिलकर नीरज बिश्नोई को गिरफ्तार किया. मामले में लेटेस्ट अपडेट ये है कि पुलिस की कार्रवाई के बाद नीरज बिश्नोई को वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से निलंबित कर दिया गया है. वो यहां से बीटेक की पढ़ाई कर रहा था. इंडिया टुडे से जुड़े रवीश पाल सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक कॉलेज ने एक बयान जारी कर कहा है,

‘वो सितंबर 2020 से ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है. दिल्ली पुलिस ने बुल्ली बाई ऐप में कथित संलिप्तता के सिलसिले में उसे गिरफ्तार किया है. नीरज बिश्नोई को विश्वविद्यालय और संस्थान का नाम बदनाम करने के मद्देनजर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.’

इससे पहले जोरहाट जिले के पुलिस अधीक्षक अंकुर जैन ने नीरज बिश्नोई की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए साफ किया कि ये गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस ने की है. वहीं जोरहाट पुलिस के ही एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस पूरे ऐप का डिजाइन नीरज ने तैयार किया था. पुलिस अधिकारियों के अनुसार नीरज ने दिल्ली में इस ऐप के लिए विशेष “ट्रेनिंग” भी ली थी.

पिता क्या कह रहे?

नीरज के पिता दशरथ बिश्नोई जोरहाट के दिगंबर चौक क्षेत्र के निवासी हैं. इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा के मुताबिक दशरथ बिश्नोई ने बताया,

“हमारी दो बेटियां और एक बेटा है. नीरज सबसे छोटा है. बुधवार रात करीब 11 बजे पुलिस की टीम हमारे घर आई और नीरज के बारे में पूछा. टीम ने करीब 45 मिनट बिताए और हमारे घर की तलाशी ली. जाने से पहले वे मेरे बेटे को ले गए और उसका लैपटॉप और एक मोबाइल फोन जब्त कर लिया जो मेरी पत्नी का था.”

दशरथ बिश्नोई ने दावा किया कि उनका बेटा निर्दोष है. उन्होंने कहा कि नीरज ने उन्हें बताया कि उसने कुछ भी गलत काम नहीं किया है. दिल्ली पुलिस टीम को भी बताया कि उसके फोटो का इस्तेमाल कर उसे फंसाया गया है. उन्होंने आगे कहा,

“मेरे बेटे ने सेंट मैरी स्कूल से 86 प्रतिशत अंकों के साथ दसवीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की थी. उसके बाद ही उसे राज्य सरकार से एक लैपटॉप मिला. हमारी आर्थिक स्थिति इतनी सही नहीं थी कि हम अपने बेटे के लिए एक कंप्यूटर खरीद सकते.”

दशरथ बिश्नोई के मुताबिक नीरज हर दिन रात 11 बजे तक कंप्यूटर में ही बिजी रहता था. जबसे उसका एडमिशन वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल में हुआ, तब से वो घर से ही क्लॉस ले रहा था. दशरथ का कहना है कि नीरज का कोई भी दोस्त उससे मिलने नहीं आया था. वो हमेशा अपने लैपटॉप से ही चिपका रहता था.

‘गिरफ्तारी के डर से घर भागा’

रिपोर्ट के मुताबिक नीरज 27 नवंबर 2021 को एक पारिवारिक शादी की वजह से राजस्थान गया था. 25 दिसंबर को वो वापस अपने घर जोरहाट लौट आया. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार होने के डर से नीरज अपने घर भाग गया था. वो नीरज की गिरफ्तारी को अहम बता रही है. उसने दावा किया है कि बुल्ली बाई ऐप मामले का मुख्य साजिशकर्ता नीरज ही है.

(ये स्टोरी हमारे यहां इंटर्नशिप कर रहे श्यामेंद्र ने की है.)


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