भाजपा समर्थकों पर लाठीचार्ज करने वाले थानेदार की विदाई में नाचे पुलिसवाले भी सस्पेंड

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यूपी का बस्ती जिला. 8 जुलाई को ब्लॉक प्रमुख पद के लिए नामांकन किया जा रहा था. आरोप है कि इस दौरान भाजपा समर्थकों ने निर्दलीय प्रत्याशी पर हमला करने की कोशिश की. नामांकन के दौरान उग्र भीड़ कथित तौर पर ब्लॉक के भीतर घुसने लगी. पुलिस ने रोका तो पुलिस के साथ हाथापाई की गई. ऐसे में पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. भाजपा समर्थक इससे नाराज होकर धरने पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. बात बढ़ती देख एसपी ने गौर थाने के एसओ को लाइनहाजिर कर दिया.

लाइनहाजिर हुए एसओ शमशेर बहादुर सिंह जब थाने से विदा होने लगे तो पुलिसवाले भावुक हो गए. उनको कंधों पर उठा लिया. ये देख स्थानीय लोग भी शमशेर के समर्थन में जुलूस निकालने लगे. जोरदार नारेबाजी हुई, डांस हुआ, बैंड और ढोल बजा. भीड़ उनसे आशीर्वाद लेने लगी, पैर छूने लगी. वीडियो वायरल हुए तो पुलिस कप्तान ने कोविड गाइडलाइन्स के उल्लंघन और वर्दी में डांस  यानी अनुशासनहीनता के आरोपों में एसओ व 14 अन्य पुलिसवालों को निलंबित कर दिया.

बस्ती पुलिस की ओर से जारी किया गया आदेश. फोटो सोर्स- आजतक

ब्लॉक में क्या हुआ था?

महेश सिंह यहां लंबे वक्त ब्लॉक प्रमुख रहे हैं. उनके बेटे अरविंद सिंह भी ब्लॉक प्रमुख रहे हैं. इस बार सीट महिलाओं के लिए आरक्षित थी. अरविंद सिंह की पत्नी विजय कांति ने ब्लॉक प्रमुख पद के लिए नामांकन करने का फैसला किया. किसी कारण पर्चा खारिज ना हो जाए इसलिए महेश सिंह की छोटी बहू अंजली सिंह ने भी पर्चा भरने का फैसला किया. दो-दो सेट में इन लोगों ने नामांकन दाखिल किया. वहीं दूसरी ओर भाजपा समर्थित प्रत्याशी कांति शुक्ला ने भी नामांकन दाखिल किया.

जिस दौरान विजय कांति, अंजली सिंह, अरविंद सिंह आदि नामांकन के लिए जा रहे थे. आरोप है कि उस दौरान भाजपा समर्थकों ने इन्हें रोकने के लिए हंगामा किया. इस दौरान कथित तौर पर पुलिस के साथ हाथापाई और गालीगलौच भी की गई और पुलिस-प्रशासन पर पत्थरबाजी भी की गई. ऐसे में एसओ शमशेर बहादुर सिंह ने लाठीचार्ज के आदेश दे दिए.

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भाजपा समर्थकों पर लाठीचार्ज करती पुलिस. फोटो सोर्स- आजतक

भाजपा समर्थक पुलिसिया कार्रवाई से नाराज होकर ब्लॉक के गेट पर ही धरने पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. इस प्रकरण में एसपी आशीष श्रीवास्तव ने ‘दी लल्लनटॉप’ से कहा कि,”ब्लॉक में जो लाठीचार्ज किया गया था उस मामले में एसओ को निलंबित किया गया है.” हालांकि व्यस्त होने के कारण उन्होंने इससे अधिक बात नहीं की.

शमशेर बहादुर सिंह का पक्ष जानने के लिए हमने उनसे भी सम्पर्क किया. उन्होंने कहा,

“भाजपा के समर्थक वहां बवाल कर रहे थे, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमने लाठीचार्ज किया था. अधिकतर इनमें से भाजपा प्रत्याशी के परिवारवाले भी थे. ये लोग दूसरे पक्ष पर हमला कर रहे थे, उनके साथ मारपीट कर रहे थे तो कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमें लाठीचार्ज करना पड़ा. विभाग ने हमसे कोई स्पष्टीकरण नहीं मांगा. अब अधिकारियों ने फैसला किया है तो मैं और कुछ नहीं कहना चाहूंगा.”

9 जुलाई को क्या हुआ?

भाजपाईयों के प्रदर्शन के बाद 8 जुलाई को ही एसपी आशीष श्रीवास्तव ने एसओ शमशेर बहादुर सिंह को लाइनहाजिर कर दिया था. 9 जुलाई को जब वह थाने से विदा होने लगे तो भीड़ वहां जमा होने लगी. इस भीड़ ने शमशेर को कंधों पर उठा लिया, जिंदाबाद के नारे लगाने लगे. भीड़ ने देखते ही देखते बैंड और ढोल की व्यवस्था भी कर ली. लोग नाचने गाने लगे. किसी ने शमशेर सिंह के सिर पर पगड़ी पहना दी. सड़कों पर जुलूस की शक्ल में ये होने लगा. पुलिसकर्मी भी इसमें शामिल थे. वे भी नाचने लगे.

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शमशेर सिंह की विदाई में ढोल बजाए गए और जुलूस निकाला गया. फोटो सोर्स- आजतक

इस भीड़ के जमाव को, सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन को, वर्दी में पुलिसवालों के नाचने को, पुलिस के आला अधिकारियों ने गंभीरता से लिया और तत्काल 14 पुलिसवालों और गौर थाने के एसओ रहे शमशेर बहादुर सिंह को निलंबित कर दिया. ऐसा नहीं है कि शमशेर सिंह को पहली बार ऐसी विदाई मिली थी. करीब 3 महीने पहले भी उन्हें पुराने थाने से ऐसे ही विदा किया गया था.

अब क्या चल रहा है?

विजय कांति और अंजली सिंह के नामांकन को खारिज कर दिया गया था. कारण, उनके नामांकन में कमी पाई गई थी. इस बारे में अधिक जानकारी के लिए जिलाधिकारी के CUG नंबर पर भी फोन किया गया. फोन उनके सहायक ने उठाया जिन्होंने जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल के बिजी होने की जानकारी दी. उनका वर्जन मिलने पर वह भी खबर में जोड़ा जाएगा.


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