समाजवादी पार्टी के दो मुस्लिम सांसदों ने कोरोना को लेकर ये क्या कह दिया?

समाजवादी पार्टी के दो मुस्लिम सांसदों डॉक्टर एसटी हसन और सांसद शफीकुर्रहमान बर्क का कोरोना को लेकर दिए गए बयान की चर्चा हो रही है. संभल सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा है कि कोरोना कोई बीमारी नहीं है, बल्कि सरकार की गलतियों की वजह से अजाबे इलाही (ईश्वर का प्रकोप) है. अल्लाह के सामने गिड़गिड़ाकर माफी मांगने से ही इसका खात्मा होगा.

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा-

मैंने पिछले साल ही कह दिया था. जहां तक कोरोना वायरस का तालुक है, अगर कोई बीमारी होती तो सारी दुनिया में इसका कोई इलाज होता. इसका कोई इलाज हो ही नहीं रहा है. मैं इसको कहता हूं ये बीमारी नहीं बल्कि, अजाबे इलाही (ईश्वर का प्रकोप) है. हमसे गलतियां हुई हैं. खताएं हुई हैं तो हम एक जगह अल्लाह के दरबार में बैठकर हिन्दू भाई अपने यहां या जो भी जिस मजहब का है, सब दुआएं मिलकर करें और अल्लाह ताला से कहें कि हमारी गलतियों को माफ कर दे. इस अजाब से हमें छुट्टी दे दे. लेकिन इस पर गवर्नमेंट बोलने लगी कि आप तो बयान देकर भड़का रहे हैं. मैंने कहा मैं क्यों भड़काता. मैं तो सच्ची बात कह रहा हूं…. जब हम एक जगह बैठकर रोएंगे, गिड़गिड़ाएंगे, दुआ मांगेंगे तो अल्लाह ताला ने माफ कर दिया तो सब खत्म हो जाएगा.

जब उनसे कहा गया कि सांसद जी (एसटी हसन) का ये कहना है कि मुल्क में जितनी आफतें आ रही हैं, तूफान आ रहा है, कोरोना आ रहा है, लोग मर रहे हैं ये सिर्फ इस वजह से है कि बीजेपी ने अपने सात साल के कार्यकाल में शरीयत से छेड़छाड़ की है. इससे आप सहमत है.

सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कि तूफान वगैरह आते हैं और आते रहेंगे.अगर हमसे गलती ज्यादा हो गई तो अल्लाह से माफी मांगने की जरूरत है. मैं किसी को ये नहीं कहूंगा कि कौन जिम्मेदार है. हर लोगों से गलती होती है. जिससे गलती हुई है उसे अल्लाह से माफी मांगनी चाहिए.

वैक्सीन को लेकर उन्होंने कहा,

अगर गवर्नमेंट वैक्सीन लगवा रही है तो लगवाने में कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए. वैक्सीन लगवा सकते हैं.

इसी बातचीत में उन्होंने आगे कहा,

बीजेपी मॉब लिंचिंग करा रही है. लड़कियों को पकड़वा कर रेप करवा रही है. जगह-जगह ज्यादती और जुल्म हो रहे हैं तो, क्या इसको गलती नहीं मानेंगे. गर्वमेंट की पॉलिसी में गलती हुई है. किससे नहीं होती हैं गलतियां. मौजूदा गर्वमेंट है तो उसी की गलती उछाली जाएगी.

इससे पहले मुरादाबाद सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद एस.टी. हसन ने बयान दिया था. उन्होंने कहा था,

हर आदमी को अपनी पीठ थपथपाने का हक है. वह अपनी पीठ थपथपाते रहें, लेकिन इन 7 सालों में जनता का जो हश्र हुआ है वह मुझसे और आप से छुपा हुआ नहीं है. जिस तरह से नाइंसाफी हुई हैं इन 7 सालों के अंदर, जिस तरह से डिस्क्रिमिनेशन हुआ है मासेस के बीच, चाहे ऐसे कानून बना दिए गए हैं जिसमें शरीयत के अंदर दखल दिया गया हो चाहे ऐसा कानून बना दिया गया हो जिसमें दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में पर्टिकुलर एक कम्युनिटी को कह दिया गया उनको नागरिकता नहीं मिलेगी यानी कि मुसलमान को नागरिकता नहीं मिलेगी. बाकी सब को मिल जाएगी. यह जो नाइंसाफ़ी हुई है उसके एवज में आपने देखा कि हमारे देश के अंदर आसमानी आफतें कितनी आ रही हैं. 10 दिन में दो दो तूफान आ गए. हमने देखा है कोरोना के अंदर गरीब आदमी का क्या हश्र हुआ है. हमने उस गरीब को देखा है जो 2 जून की रोटी के लिए रेल पटरियों के ऊपर चल रहे थे, उनकी लाशों के टुकडे हमने देखे हैं.

उन्होंने आगे कहा कि हम और आप हिंदुस्तान के ज्यादातर 99% लोग धार्मिक लोग हैं. हम यह मानते हैं कि दुनिया को चलाने वाला और दुनिया में इंसाफ करने वाला कोई और है. अगर जमीन वाले जब इंसाफ नहीं करते तो आसमान वाला इंसाफ करता है और जब वह इंसाफ करता है तो उसमें इफ एंड बट नहीं हुआ करता. आपने देखा नहीं पिछले दिनों क्या हुआ है? लाशों की कितनी बेइज्जती हुई है. कुत्तों को लाशें खानी पड़ रही हैं. दरिया में लाशें बहा दी गई आपने देखा नहीं श्मशान घाट में लकड़ियां तक नहीं थी. आखिर कौन सी सरकार है? क्या सिर्फ बड़े लोगों की सरकार है? गरीब का कोई हक नहीं है. यह गरीब उसी ने पैदा किया है जिसने अमीर को पैदा किया है सबका मालिक एक है.

वहीं बीजेपी की ओर से इस बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि एसटी हसन के बयान से साफ होता है कि ये देश के संविधान में विश्वास रखने वाले लोग नहीं हैं. ये चाहते हैं समाजवादी पार्टी जिताओ, शरीया कानून लाओ. इनकी बोली और ISIS की बोली एक सी है. एसटी हसन और समाजवादी पार्टी के नेताओं को नाइंसाफी इसलिए नजर आ रही है कि बरसाना में होली क्यों हो रही है? CAA कानून क्यों आ रहा है, धारा 370 क्यों समाप्त कर दी गई कश्मीर में? अयोध्या में दीपोत्सव क्यों हो रहा है? इनकी असली पीड़ा ये है.


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