हिन्दुओं के क़त्ल की बात करने वाला ज़ाइद हमीद का ये वायरल ही रहा वीडियो 8 साल पुराना है

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तालिबान के अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा करने के बाद ARY न्यूज़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. इसमें पाकिस्तानी कमेंटेटर ज़ाइद हमीद को ये कहते हुए सुना जा सकता है, “दानिश, अगर आप सच्ची बात हमसे पूछते हैं तो मैं अल्लाह से दुआ कर रहा हूं कि अमेरिकन्स [अफ़ग़ानिस्तान से] वहां से निकलें और इंडियंस को वहां छोड़ कर जाएं. बहुत अरसा हो गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में हमने हिंदुओं का कत्लेआम नहीं किया. तारीखी तौर पर ये हमेशा हुआ करता था, और इसी वजह से अफ़ग़ानिस्तान में पहाड़ों का नाम ‘हिंदू कुश’ रखा गया है. ‘हिंदू कुश’ का मतलब है हिंदुओं का क़त्ल करने वाली जगह. वो जगह जो हिन्दुओं का क़त्ल करती है. तारीखी तौर पर जब भी हिंदुस्तान, हिन्दू अफ़ग़ानिस्तान में दाखिल हुए हैं. इनको…किया गया है. और हम दुआ कर रहे हैं अल्लाह से कि अमेरिकन्स निकलें और अफ़ग़ानिस्तान में अपनी जगह पर बनिये को छोड़कर जाएं. [व्यापारियों का हिंदू समुदाय] फिर उसके साथ बनिये के साथ हम वो करेंगे की बनिया अगली हज़ार सालों तक अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान की तरफ़ निगाह उठा के नहीं देखेगा.”

ट्विटर हैंडल @pakistan_untold ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए दावा किया कि ये अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिका की वापसी के बाद हिंदुओं के लिए पाकिस्तान के मंसूबो को दिखाता है.

TV9 भारतवर्ष के न्यूज़ ऐंकर शुभांकर मिश्रा ने ठीक इसी टेक्स्ट के साथ वीडियो शेयर किया. उन्होंने ARY न्यूज़ प्रसारण की तारीख का ज़िक्र नहीं किया.

वीडियो ट्विटर और फ़ेसबुक पर वायरल है.

ऑल्ट न्यूज़ को अपने व्हाट्सऐप (76000 11160) और मोबाइल एप्लिकेशन पर वीडियो की सच्चाई जानने के लिए कई रिक्वेस्ट मिलीं.

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मीडिया आउटलेट न्यूज़ट्रैक लाइव ने प्रसारण की तारीख को कन्फ़र्म किए बिना वीडियो पर एक आर्टिकल लिख दिया.

2013 का वीडियो

संयोग से, ट्विटर हैंडल @pakistan_untold ने भी पिछले साल इस वीडियो को शेयर किया था. यही साबित करता है कि ज़ाइद हमीद ने तालिबान के अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा करने के बाद ये बयान नहीं दिया था.

एक कीवर्ड सर्च से हमें 14 दिसंबर, 2013 का लिंक मिला जिससे वीडियो शेयर किया गया था. हालांकि, भड़काऊ भाषा की वजह से यूट्यूब ने वीडियो को हटा दिया है.

हालांकि, हमें 2014 में अपलोड किए गए वीडियो [पाकिस्तान स्थित ARY न्यूज़ प्रसारण का एक हिस्सा] की एक कॉपी मिली.

ज़ाइद हमीद के पूरे बयान का ट्रांसक्रिप्शन वेबसाइट mimri.org पर मिला. ट्रांसक्रिप्शन 2014 में पब्लिश हुआ था. वेबसाइट का कहना है कि प्रसारण 11 अगस्त, 2013 को हुआ था. ज़ाइद हमीद ने बताया कि 2014 के अंत तक अमेरिकी सेना की वापसी के बाद पाकिस्तान को अफ़ग़ानिस्तान में भारतीयों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए.

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिकी सेना को 2014 तक अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों को पूरी तरह से बाहर निकालने का आदेश दिया था. बराक ओबामा के आदेश को बाद में वापस ले लिया गया लेकिन सैनिकों की संख्या कम कर दी गई थी. अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे और कम कर दिया. पिछले साल, ट्रम्प के जाने से पहले, अमेरिका ने तालिबान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. इसके अनुसार, अगर तालिबान अल-कायदा या किसी अन्य चरमपंथी समूह को तालिबान के नियंत्रण वाले जगहों में काम करने की अनुमति नहीं देता है, तो अमेरिका 14 महीने के अंदर सभी सैनिकों को वापस ले लेगा. बहरहाल अमेरिकी सैनिकों की पूरी तरह वापसी, जो बाइडेन के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान हुई.

वापस आते हैं ज़ाइद हमीद के भाषण पर. हालांकि पाकिस्तानी कमेंटेटर का ये बयान हाल का नहीं था लेकिन ज़ाइद हमीद की ज़ेनोफोबिया और गैर-मुस्लिम धर्मों के खिलाफ असभ्य भाषा के लिए लगातार आलोचना की जाती है. उन्होंने पहले भी कई बार भारत विरोधी बातें की हैं और देश में उनका ट्विटर अकाउंट भी बंद है. ज़ाइद हमीद ने दावा किया था कि 2001 के संसदीय हमले का दोषी अजमल कसाब एक भारतीय हिंदू था. (नोट: वो लोग जो हाइपरलिंक्ड ट्वीट देखना चाहते हैं, Tor ब्राउज़र का इस्तेमाल करें.) हामिद को असभ्य भाषा और गलत सूचनाओं से हिंदू समुदाय के खिलाफ नफ़रत फैलाने के लिए जाना जाता है. ऑल्ट न्यूज़ ने उसके अकाउंट को बैन किये जाने से पहले उसपर कई आर्टिकल लिखे हैं.

कई पाकिस्तानियों ने 2013 में हामिद के बयानों की निंदा की थी.

ज़ाइद हमीद का हिंदुओं के खिलाफ एक भड़काऊ बयान वाला 2013 का वीडियो हाल में तालिबान के अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़े के संदर्भ में शेयर किया गया है.


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