76 साल की मिसेज़ वर्मा का कूल फैशन सेंस देख जवान लड़कियां भी शर्मा जाएं

इंस्टाग्राम पर एक 76 साल की महिला हैं. नाम है मिसेज वर्मा. आए दिन कुछ ना कुछ नया करती रहती हैं. कभी फैशनेबल कपड़े पहन लिए, तो कभी किसी चैलेंज का हिस्सा बन गईं, तो कभी अपने पति यानी मिस्टर वर्मा के साथ प्रैंक करते हुए कोई वीडियो डाल दिया. मिसेज वर्मा को इंस्टाग्राम पर सेलिब्रिटी का दर्जा प्राप्त है.

उनके इंस्टाग्राम पर लगभग तीस हजार फॉलोवर हैं. अकाउंट से डाले गए वीडियो पर लाखों में व्यू आते हैं. लोग उनके वीडियोज का इंतजार करते हैं. अपने बायो में उन्होंने लिख रखा है कि खुशियां बांटने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है.

पोती ने लगवाई लत

इंस्टाग्राम से मिसेज वर्मा का परिचय उनकी पोती ने कराया. ह्ययूमन्स ऑफ बॉम्बे से की गई बातचीत में मिसेज वर्मा ने बताया-

“पिछले लॉकडाउन के दौरान मेरी पोती ने मेरा परिचय इंस्टाग्राम से कराया. उसके बाद से तो जैसे मैं इंस्टाग्राम की ही हो गई. मैं नए लुक अपनाती हूं. डांस करती हूं. नए-नए मूव्स ट्राय करती हूं. अपने पति से प्रैंक करती हूं. सेल्फी क्वीन हूं. ऐसे पेश आती हूं जैसे मैं कोई बहुत बड़ी सेलिब्रिटी हूं और मीडिया को हर समय मेरा इंतजार रहता है. मुझे लगता है कि आप जो होना चाहते हैं, उम्र उसमें कोई बाधा नहीं है. मैं 76 की हूं और फिलहाल इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर हूं.”

जैसा कि ऊपर बताया, मिसेज वर्मा के वीडियो लाखों लोग देखते हैं. ऐसे ही एक वीडियो में मिसेज वर्मा अपने पति और पोती के साथ ‘चिकेन डांस’ करती हुई नजर आती हैं. इस वीडियो का कैप्शन है- ‘आप इस वीडियो में मिस्टर वर्मा को मिस नहीं कर सकते और मिसेज वर्मा कैमरा को मिस नहीं कर सकतीं.’

मिसेज वर्मा का फैशन सेन्स भी कमाल का है. कैसे इंडियन और वेस्टर्न को मिलाकर ड्रेस पहनी जा सकती है, मिसेज वर्मा बढ़िया तरीके से बताती हैं. फैशन सेन्स ऐसा है कि जवान लड़कियां भी शर्मा जाएं. कुछ वीडियो देखिए उनके-

मिसेज वर्मा की तरह ही बहुत सी उम्रदराज़ औरते हैं, जो इंस्टाग्राम पर बहुत एक्टिव हैं और हज़ारों-लाखों फॉलोअर्स हैं. हम आपको ऐसी ही चार अन्य महिलाओं से भी मिलवाते हैं.

# डांसर दादी से मिलिए

रवि बाला शर्मा. कोई रॉकस्टार दादी कहता है तो कोई डांसर दादी. 62 साल की हैं. मुंबई में रहती हैं. इंस्टाग्राम पर रवि बाला शर्मा नाम से ही इनका अकाउंट है. एक लाख 36 हज़ार फॉलोअर्स हैं. शानदार डांसर हैं. वो इंस्टा पर अपने डांस के वीडियो लगातार डालती हैं. पुराने से लेकर नए, सभी बॉलीवुड गानों पर वो बेहतरीन डांस करती हैं. सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ भी उनकी तारीफ कर चुके हैं और उनका एक वीडियो शेयर भी कर चुके हैं. रवि बाला ने ‘ऑडनारी’ से हुई बातचीत में बताया कि उनका जन्म संगीत से जुड़े परिवार में ही हुआ था. यूपी के मुरादाबाद में. 27 साल तक उन्होंने दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में म्यूज़िक टीचर के तौर पर काम किया था. और रिटायरमेंट के बाद साल 2019 में वो अपने बेटे के साथ मुंबई शिफ्ट हो गईं. यहीं से बच्चों के कहने पर उन्होंने डांस करना शुरू किया. पंजाब केसरी न्यूज़ पेपर की तरफ से एक डांस कॉम्पिटिशन हुआ था, उसमें रवि बाला ने भी अपना वीडियो भेजा था, जो बहुत जल्द हिट हो गया था. इसके बाद रवि ने खुद इंस्टाग्राम पर अपने वीडियो डालने शुरू कर दिए.

रवि बाला बताती हैं कि उन्होंने प्रोफेशनली कभी भी डांस की ट्रेनिंग नहीं ली थी, लेकिन बचपन से ही संगीत का माहौल रहा था, तो लोगों को डांस करता देख-देखकर वो भी अपने हिसाब से डांस करती थीं. फिल्मों में एक्ट्रेस के डांस को देखकर उसके स्टेप्स फॉलो करती थीं. रवि ने अपने सफर के बारे में बताया-

“बस मेरे ब्लड में है. क्योंकि मैं एक म्यूज़िशियन की बेटी हूं, तो सुर-ताल लय का नॉलेज मुझे है ही. हमारे घर में क्लासेस चलती थीं, कथक डांसर आते थे, मेरे फादर ने रखे हुए थे. मैं उन्हें देखती थी. शौक था मुझे डांस का. हम वोकल इंस्ट्रुमेंट्स सीखते थे, लेकिन उस समय डांस पसंद नहीं किया जाता था. मेरे फादर को भी पसंद नहीं था कि मैं बॉलीवुड के गानों पर डांस करूं. हां लेकिन उन्हें पता था कि मुझे डांस का शौक है तो वो भजन गाने लगते थे, तब मैं उस पर डांस करती थी. कभी फिल्म देखने लेकर जाते थे फादर, तो उसमें डांस बड़े ध्यान से देखती थी. पिता ने सिखाया था कि डांस के दौरान भाव देना बहुत ज़रूरी होता है. फिर जब टीवी घर में आई तो डांस देखने लगी. तो मैंने देख-देखकर ही सीखा है. कोई प्रॉपर ट्रेनिंग नहीं ली है.” 

रवि कहती हैं कि लोग काफी तारीफ करते हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ नेगेटिव कमेंट्स भी आते हैं. हमने पूछा कि इन कमेंट्स से वो कैसे डील करती हैं, उन्होंने कहा-

“मुझे ज्यादातर अच्छे कमेंट्स ही आते हैं, बहुत कम ही नेगेटिव कमेंट्स आते हैं. लेकिन फिर भी अगर कोई ऐसा लिखता है, तो शायद वो खुद मानसिक तनाव में रहता होगा. खुद नहीं कर पा रहा होगा या उसके आस-पास का माहौल ऐसा होगा कि लोग अच्छे नहीं हों. या मानसिकता ऐसी हो कि ऊपर नहीं उठ सकता, सोच नहीं सकता. तो वो शायद ऐसा लिख दे. मैं उनको कुछ नहीं कहती, लेकिन मैं यही कहूंगी कि इन सब चीज़ों से हटो. कुछ अच्छा करो. कुछ ऐसा करो जिससे आपका तनाव बाहर निकल जाए.”

रवि युवाओं को ये मैसेज देना चाहती हैं कि वो अपने समय का सही इस्तेमाल करें, कभी भी हार नहीं मानें, जो पाना चाहते हैं उसकी तरफ लगातार मेहनत करते रहें, कोरोना के चलते निराश मत होइए, इस मौके का फायदा उठाकर तैयारी करते रहिए और जब सब नॉर्मल होगा, तब अपने गोल पर पूरी तैयारी के साथ निशाना लगाएं. सफलता ज़रूर मिलेगी.

# मोटिवेट होने के लिए इन्हें सुनिए

हीरा मेहता. इंस्टाग्राम पर एक मिनट के मोटिवेशनल वीडियो डालती हैं. गपशप डायरीज़ नाम का एक प्रोग्राम भी करती हैं, जिनमें वो किसी अन्य व्यक्ति से बात करती हैं और लाइफ से जुड़े उनके एक्सपीरियंस जानती हैं. हीरा 66 बरस की हैं. मुंबई में रहती हैं. चार किताबें लिख चुकी हैं. और तीन सोशल मुद्दों पर बेस्ड फिल्मों में भी अपना योगदान दिया है. इनमें डिमेंशिया और अलज़ाइमर्स जैसे मुद्दे शामिल हैं. 38 साल तक बैंक में नौकरी करने के बाद जब वो रिटायर हुईं, तब इंस्टाग्राम से दोस्ती कर ली. हीरा ने हमें बताया कि वो शुरू से ही खुलकर बोलती रही हैं, काफी सोशल भी हैं, लोगों से बात करना, उनके एक्सपीरियंस जानना, ये उन्हें अच्छा लगता है.

हीरा बताती हैं कि शुरुआत में उन्हें इंस्टाग्राम चलाना बिल्कुल नहीं आता था, उन्होंने खुद से सीखा और अब वो ‘लाइक अ प्रो’ इसे ऑपरेट कर रही हैं. हीरा कहती हैं-

“मुझे टेक्नोलॉजी से बहुत डर था. हालांकि मैं बैंक में काम कर रही थी, लेकिन मैं बैकएंड में काम कर रही थी. तो जो टेक्नोलॉजी मैंने सीखी थी, वो इससे बहुत अलग थी. लेकिन मैंने सोचा कि देख लेते हैं, डिलीट बटन तो है, अगर कुछ गलत हो गया तो डिलीट कर देंगे. ऐसा करके मैंने शुरुआत कर दी. फिर मैंने सब अपने-आप सीखना शुरू किया.”

हमने हीरा से भी ये पूछा कि जब कोई निगेटिव फीडबैक आता है या कोई निगेटिव कमेंट करता है, तो वो उससे कैसे डील करती हैं. उन्होंने कहा-

“मैं मानती हूं कि हर इंसान को अपना व्यू पॉइंट रखने की इजाज़त होनी चाहिए. अब ये आप पर है कि आप उस व्यू पॉइंट को किस तरह से लेते हैं. निगेटिविटी में भी आप पॉज़िटिविटी खोज सकते हैं. मैं तो फीडबैक मांगती हूं कि प्लीज़ मुझे बताइए कि क्या मुझे इम्प्रूव करना चाहिए. क्या मैं गलत कर रही हूं? क्या आपको पसंद नहीं आया? क्योंकि अगर आप ये नहीं करोगे, और अपनी धुन में चलते जाओगे, आप कुछ अचीव नहीं कर पाओगे, क्योंकि लोग देख रहे हैं.”

हीरा आज की यंग जनरेशन को ये मैसेज देती हैं कि एक दरवाज़ा अगर बंद होता है, तो दूसरा खुलता है. बहुत सारे मौके लाइफ में आते हैं, इसलिए एक नाकामी से हार नहीं माननी चाहिए. आगे बढ़ते रहिए. जो भी मौके मिले सबका इस्तेमाल करें.

# घर के खाने की क्रेविंग अब दूर हो जाएगी

हमारी लिस्ट में अगला नाम है कनन बाला का. दिल्ली में रहती हैं. 58 बरस की हैं. होम मेकर है. उनका अपना इंस्टाग्राम अकाउंट है mamaktreats नाम से. क्या खास है इस अकाउंट में? लाजवाब खाने की ऐसी-ऐसी तस्वीरें आपको देखने को मिलेंगी कि मुंह में पानी आ जाएगा. इंस्टा पोस्ट में तस्वीर के साथ उस डिश को बनाने की रेसिपी भी लिखी होती है. 28 हज़ार फॉलोअर्स हैं. यूं तो कनन खुद इंस्टा अकाउंट हैंडल नहीं करती हैं, उनकी बेटी किशी इसे हैंडल करती है, लेकिन क्या कैसे डालना है, क्या लिखा जाना है, ये सब कनन बताती हैं. हमने किशी से बात की. उन्होंने बताया-

“मेरी मां बहुत सिंपल हैं. उन्होंने सारी ज़िंदगी हमारी और पापा की देखरेख की है. पापा को खाना बहुत पसंद था, और मेरी मां को खाना बनाना. वो उनके लिए उनकी पसंद की नई-नई डिश बनातीं, और वो बड़े प्यार से खाते थे. दो साल पहले वो गुज़र गए. मां पेन में थीं, क्योंकि वो व्यक्ति चला गया था, जिनके लिए वो बड़े प्यार से खाना बनाती थीं. फिर हमने मां से कहा कि आप इंस्टाग्राम पर क्यों नहीं एक्टिव हो जातीं, आप लोगों के लिए नई-नई डिश बनाइए और उसे अपलोड करिए. हालांकि उसके पहले ही हमने मां का अकाउंट ओपन कर दिया था, लेकिन पिता जी के जाने के बाद, हम बच्चों के कहने पर वो इंस्टाग्राम पर ज्यादा एक्टिव हुईं. वो बड़े प्यार से खाना बनाती हैं. हम उनके खाने को लोगों तक पुहंचाते भी हैं. बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है. मां के हाथ का खाना जो भी मिस करता है, वो मेरी मां के हाथ के खाने से ये कमी पूरी करता है. मेरी मां के लिए इंस्टाग्राम का परिवार एक एक्सटेंडेड फैमिली बन गया है.”

# मम्मी वाली डांट अब यहां भी मिलेगी

अगला नाम है पूनम सापरा का. इंस्टाग्राम पर ‘mother with sign’ नाम से उनका अकाउंट है. 51 हज़ार फॉलोअर्स हैं इंस्टा पर. जब इसे पूनम के अकाउंट को आप विज़िट करेंगे, तो पाएंगे कि कितने यूनीक तरीके से वो देसी मम्मियों वाली सलाह देती हैं. हाथ में प्लाकार्ड पकड़कर खड़ी होती हैं, जिनमें अलग-अलग मैसेज लिखे होते हैं. एक या दो लाइनों में वो आपको ये याद दिला देंगी कि पैरैंट्स आपकी ज़िंदगी के आधार हैं और वो बहुत मायने रखते हैं. जैसे एक प्लाकार्ड में उन्होंने लिखा था-

“जो चीज़ें आप नहीं खोज पाते हैं, वो आपकी मम्मी खोज लेती हैं, इसकी वजह ये है कि आप जितना खुद को जानते हो, उससे कहीं ज्यादा वो आपको जानती हैं.”

अपने अधिकतर पोस्ट में पूनम बच्चाज़ शब्द का इस्तेमाल करती हैं. बड़े प्यार से. पूनम के बेटे हैं प्रणव सापरा. जो एक कॉपीराइटर हैं और कॉन्टेंट क्रिएटर हैं. ‘ऑफिशियल ह्ययूमन्स ऑफ बॉम्बे’ के एक पोस्ट के मुताबिक प्रणव ने ही अपनी मां को इंस्टाग्राम पेज शुरू करने के लिए मनाया था. प्रणव ने बताया था-

“जब मैं अपनी मां के पास ये आइडिया लेकर गया कि हम साथ मिलकर इंस्टा अकाउंट शुरू करेंगे, उनका पहला जवाब था- ‘क्यों?’. फिर किसी तरह मैंने उन्हें मनाया. ये कहकर कि मज़ेदार होगा. मुझे यकीन था कि अगर कुछ गड़बड़ होगी तो उनका ‘मैंने पहले ही कहा था’ वाला चेहरा पहले से ही तैयार होगा, लेकिन शुक्र है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ.”

ये वो औरतें हैं जो हमारे आस-पास ही हैं, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी में काफी कुछ देखा है, झेला है. उम्र भी काफी ज्यादा हो गई है. कई तो दादी-नानी तक बन गई हैं. लेकिन फिर भी उन्होंने समय के साथ चलना नहीं छोड़ा. उम्र का एक पड़ाव बीत जाने के बाद जहां बहुत से लोग थक जाते हैं, वहां ये औरतें नई मिसाल कायम कर रही हैं. न केवल अपने हमउम्र लोगों के लिए, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए भी. जो इस वक्त, खासतौर पर कोरोना के वक्त काफी निराश हैं. इन औरतों की कहानियों के इंस्पिरेशन लें और और आगे बढ़ें.


वीडियो- विद्या बालन की ‘शेरनी’ के ट्रेलर में क्या खास है, जो आपने नोटिस नहीं किया?





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