BJP विधायक बोले, ‘खाना-पीना छोड़ दो, महंगाई पक्का कम हो जाएगी’

‘कोरोना के समय में महंगाई कोई मुद्दा नहीं है, अगर मुद्दा है तो कांग्रेस को वोट देने वाले अन्न त्याग दें, पेट्रोल का उपयोग बंद कर दें तो सब ठीक हो जाएगा.’

ये बयान दिया है छत्तीसगढ़ में तीन बार मंत्री रहे बीजेपी के सीनियर नेता और विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने. गुरुवार, तीन जून को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महंगाई के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने ये बातें कहीं.

विधायक से एक पत्रकार ने पूछा कि कांग्रेस पार्टी महंगाई को राष्ट्रीय आपदा मानकर प्रदर्शन करने की तैयारी में है. इस पर पूर्व मंत्री ने कहा,

”अगर महंगाई राष्ट्रीय आपदा है. तो फिर मुझे लगता है कि जो लोग इसे आपदा कह रहे हैं वो लोग खाना पीना बंद कर दें. अन्न त्याग दें, पेट्रोल का उपयोग बंद कर दें. मुझे लगता है कि कांग्रेसी और कांग्रेस को वोट देने वाले ही ये कर देंगे तो महंगाई कम हो जाएगी.”

उन्होंने आगे कहा,

”आज के समय पर मूल्य का निर्धारण अंतरराष्ट्रीय मार्केट के ऊपर होता है. किसी लोकल मार्केट पर नहीं होता और अगर कोई लोकल फैक्टर है तो उसके बारे में बात करनी चाहिए.”

उन्होंने महंगाई को कोई मुद्दा नहीं मानते हुए कोरोना के लिए कांग्रेस को घेर लिया. उन्होंने कहा,

”कोरोना के काल में कांग्रेस को ये चिंता करनी चाहिए कि लोगों को राहत कैसे मिले. कोरोना से मृत्यु कैसे कम हो. कांग्रेस के पास कोई विषय नहीं. इसलिए वो ध्यान भटकाने के लिए इस प्रकार के मुद्दे उठा रही है. आज के समय में ये (महंगाई) कोई मुद्दा नहीं है. आज सबसे बड़ा मुद्दा कोरोना है.”

बृजमोहन अग्रवाल के इस बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बीजेपी प्रदेश की लगभग आधी आबादी जिसने कांग्रेस को वोट दिया है. उन सभी से मरने के लिए कह रही है.

सुशील शुक्ला ने अपने ट्विटर पर एक वीडियो जारी कर कहा,

”बृजमोहन अग्रवाल के द्वारा ये कहा जाना कि जिन्हें महंगाई अधिक लग रही है. वह खाना पीना छोड़ दें, पेट्रोल का उपयोग बंद कर दें. तो उन्हें महंगाई का बोझ नहीं लगेगा. ये बयान उनकी बेशर्मी की पराकाष्ठा है. बृजमोहन अग्रवाल का इस प्रकार का बयान लोगों के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहा है. प्रदेश की लगभग 50% जनता, जिन्होंने कांग्रेस को वोट दिया है. उन्हें खाना पीना छोड़ने की सलाह दे रहे हैं, उन्हें भूखे मरने की सलाह दे रहे हैं. ये बयान बेशर्मी का जीता-जागता उदाहरण है.”

कांग्रेस का आरोप सात साल में दोगुनी हुई महंगाई

इस पूरे मामले की शुरुआत कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के बयान से हुई. उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार के सात साल पूरे होने पर निशाना साधा था. मोहन मरकाम ने कहा था,

”पिछले 7 सालों में महंगाई दोगुने से ज्यादा बढ़ गई है. ये एक राष्ट्रीय आपदा है. कोरोना के कारण लोगों की आय प्रभावित है, इससे दिक्कतें और बढ़ गई हैं.”

बीजेपी के पूर्व मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस ने बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है. कांग्रेस प्रधानमंत्री से भी ये सवाल कर रही है कि क्या वो अपने नेता के इस असंवेदनशील बयान से इत्तेफाक रखते हैं.


क्या BJP कार्यकर्ताओं को वैक्सीन लगवाने के लिए विधायक ने सेंटर ही शिफ्ट करा दिया? 





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