NCERT की किताब में नॉर्थ-ईस्ट का चैप्टर जुड़वाने के लिए #NortheastMatters ट्रेंड कराना पड़ गया

शुक्रवार, चार जून की शाम 6 बजे से 8 बजे तक ट्विटर पर ट्विटर स्टॉर्म चलाया गया. ये ट्विटर स्टॉर्म नॉर्थ-ईस्ट स्टूडेंट्स  ग्रुप्स ने चलाया. #NortheastMatters और #AchapterforNE हैशटैग से चलाए गए इस स्टॉर्म का मकसद NCERT की किताबों में नॉर्थ-ईस्ट को लेकर एक अलग से चैप्टर शामिल करवाना है. जिससे की देशभर में बाकी लोगों को नॉर्थ ईस्ट का इतिहास, जीवनशैली और देशभक्ति के बारे में पता चल सके. साथ ही देशभर में नॉर्थ ईस्ट के स्टूडेंट्स के साथ होने वाली रेसिज़्म की घटना को लेकर भी ये स्टॉर्म चलाया गया. कई लोगों ने इस मांग का समर्थन किया.

कबांग नाम के एक यूज़र ने इस ट्रेंड का समर्थन करते हुए लिखा,

”नॉर्थ ईस्ट इंडिया का एक आम नागरिक होने के नाते मैं गर्व के साथ इस ट्विटर स्टॉर्म से जुड़ रहा हूं. देश और पूरी दुनिया को हमारे इतिहास, भूगोल और संस्कृति के बारे में जानना चाहिए.”

कौन जिरजो नाम के एक यूजर ने लिखा,

”पूरे देश से एक होकर नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स यूनियन आज ट्विटर स्टॉर्म चला रहे हैं. जिसका हैशटेग #AchapterforNE & #NortheastMatters है. जिसकी मांग है NCERT की किताब में नॉर्थ ईस्ट को लेकर चैप्टर शामिल करना.”

मीको साइकिया नाम के एक यूज़र ने लिखा,

”अगर NCERT की किताब में नॉर्थ ईस्ट इंडिया को लेकर सेक्शन शामिल होगा तो हम इस बात को जान पाएंगे कि नागालैंड में भारत के आखिरी हैडहंटर ट्राइब्स पाए गए.”

जेस्से चीशी नाम की एक ट्विटर यूज़र ने इस ट्रेंड का समर्थन करते हुए लिखा,

”हम अपने देश में ही एलियन बनकर नहीं रहना चाहते. NCERT की किताब में नॉर्थ ईस्ट के लिए चैप्टर एड कीजिए. #AChapterforNe”

क्या है नॉर्थ-ईस्ट के लोगों का पूरा मामला?

पंजाब के एक यूट्यूबर हैं पारस सिंह. इस बंदे के पास जानकारी का इतना अभाव था कि अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा बता दिया. इतना ही नहीं देश की संसद में बैठने वाले पूर्व MP नीनोंग इरिंग को गैर-भारतीय बोल दिया.  पारस के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद 25 मई को उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

देशभर में नॉर्थ ईस्ट के लोगों ने इस बयान की निंदा की और प्रदर्शन भी किए. Fसके बाद ये फैसला लिया गया कि ट्विटर पर एक ट्विटर स्टॉर्म चलाया जाए. इसमें नॉर्थ ईस्ट के स्टूडेंट्स के साथ होने वाली रेसिज़्म की घटनाओं पर और NCERT में नॉर्थ ईस्ट को लेकर एक चैप्टर को शामिल करने की मांग की जाएगी.

30 से ज़्यादा स्टूडेंट्स यूनियन ने लिया हिस्सा

इस ट्विटर स्टॉर्म में देशभर के 30 स्टूडेंट्स यूनियन और ऑर्गनाइज़ेशन शामिल हुए. इस मूवमेंट का नाम ‘A Chapter for NE’ रखा गया. जिससे की देशभर में NCERT की किताबों से लोगों को नॉर्थ-ईस्ट राज्य का इतिहास, जीवनशैली, लाइफस्टाइल और देशभक्ति के बारे में पता चल सके.

AASUC के प्रेसिडेंट ने क्या कहा?

ऑल अरुणाचल स्टूडेंट्स यूनियन चंडीगढ के प्रेसिडेंट लिंग्डम केम ने इस स्टार्म को लेकर ANI से बात की. उन्होंने कहा कि राज्य के बाहर हमारे स्टूडेंट्स को रेसिज़्म की घटनाएं झेलनी पड़ती हैं.

केम ने ANI से बातचीत में कहा,

”रेसिज़्म की वजह से नॉर्थ ईस्ट स्टेट्स के बहुत सारे स्टूडेंट्स को परेशानियां झेलनी पड़ती है. जो भी छात्र पढ़ाई के लिए स्टेट से बाहर जाते हैं, उन्हें एक महीने में 5-6 बार तो रेसिज़्म की घटनाओं का सामना करना ही पड़ता है.”

केम की तरह ही नॉर्थ ईस्ट के लोग भी इस बात से सहमत हैं कि नॉर्थ ईस्ट का इतिहास पूरी तरह से धुल चुका है. इसलिए उनकी ये मांग है कि NCERT की किताबों में उनके इतिहास और डेमोग्राफी पर चैप्टर शामिल किया जाए. जिससे की देशभर में उनके साथ रेसिज़्म की घटना ना हो और उन्हें भी भारतीय समझा जाए.


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