UP Berojgari Bhatta 2022- रजिस्ट्रेशन (UP Berojgari Bhatta)

UP Berojgari Bhatta– भारत को दुनिया के विकसित देशों की जगह विकासशील देशों में गिना जाता है, इसका एक कारण है बेरोजगारी. बेरोजगारी देश के विकास में एक विकल बाधा है. भारत में बेरोजगारी एक बेहद गंभीर विषय है, बेरोजगारी देश के आर्थिक विकास में खड़ी प्रमुख बाधाओं में से ही एक नहीं बल्कि व्यक्तिगत और पूरे समाज पर भी एक साथ कई तरह के नकारात्मक प्रभाव डालती है.

भारत में श्रम और रोजगार मंत्रालय देश में बेरोजगारी के रिकॉर्ड रखता है। बेरोजगारी के आंकड़ों की गणना उन लोगों की संख्या के आधार पर की जाती है जिनके आंकड़ों के मिलान की तारीख से पहले 365 दिनों के दौरान पर्याप्त समय के लिए कोई काम नहीं था और अभी भी रोजगार की मांग कर रहे हैं.

जिसका निवारण केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक करने जुटी हुई है. इसी के चलते देश में कई ऐसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसके अंतर्गत युवा और बेरोजगार लोगों को नौकरी लगने तक बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है.

UP Berojgari Bhatta 2022

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UP Berojgari Bhatta

किन्हे मिलता है बेरोजगारी भत्ता?

बेरोजगारी भत्ता उन लोगों को दिया जाता है, बिना गलती के नौकरी खोने वाले श्रमिकों को दिया जाता है. (कारखानों के बंद होने, छंटनी, या गैर-रोजगार चोट से उत्पन्न कम से कम 40% की स्थायी अमान्यता के कारण).

बेरोजगारी भत्ता श्रमिक की एक दिन की आय का 50% होता है. जोकि एक साल तक श्रमिकों को दिया जाता है. ईस दौरान लाभार्थियों और उनके आश्रितों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा भी प्रदान की जाती है. हर देश और हर राज्य में बेरोजगारी भत्ते से संबंधित अलग-अलग योजनाएं सक्रिय हैं. बेरोजगारी भत्ता के बारे में आगे विस्तार से पढ़ें

बेरोजगारी भत्ता स्कीम यूं तो कोई विशेष योजना पूरे देश में लागू नहीं है. हर राज्य में हर सरकार ने श्रमिकों को अलग-अलग स्कीम और सुविधा मुहैया कराती है.

उदाहरण के लिए  श्रम और रोजगार विभाग के तहत हिमाचल प्रदेश सरकार ने बेरोजगारी भत्ता योजना शुरू की है. इस योजना का उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, विशेषकर शिक्षित और बेरोजगार युवाओं में बेरोजगारी की समस्या को कम करना है.  इस योजना के तहत, सरकार हिमाचल प्रदेश में प्रत्येक बेरोजगार युवा को अधिकतम 1500 रुपये की सहायता प्रदान करती है.

बेरोजगारी बीमा भारत में कई ऐसी स्कीम और सुविधाएं सक्रिय हैं, जो बेरोजगारों और श्रमिकों को लाभ प्रदान करती हैं.

कर्मचारी राज्य बीमा निगम दो योजनाएं चलाता है, जिसमें राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना और अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना शामिल है.

कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 (अधिनियम) कारखानों और अन्य प्रतिष्ठानों जैसे कि दुकानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, आवासीय होटलों, रेस्तरां, खाने-पीने के घरों, थिएटर या सार्वजनिक मनोरंजन या मनोरंजन के अन्य स्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को लाभ प्रदान करने के लिए पेश किया गया था.

जिस कारखाने और अन्य प्रतिष्ठानों पर यह अधिनियम लागू होता है, उसे पिछले 12 महीनों में किसी भी दिन कम से कम 10 लोगों को रोजगार देना चाहिए या 10 लोगों को नियोजित करना चाहिए। अधिनियम के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए, व्यक्ति को एक “बीमाकृत व्यक्ति” होना चाहिए मतलब वह व्यक्ति जो कर्मचारी है या था जिसके संबंध में इस अधिनियम के तहत योगदान देय है या जो इस अधिनियम द्वारा प्रदान किए गए किसी भी लाभ का हकदार है.

इस अधिनियम के तहत, दो बेरोजगारी बीमा योजनाएं लागू की गईं –   राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना  और अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना.

राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना

राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना वर्ष 2005 में उन श्रमिकों के लिए लागू की गई थी. जिन्हे छंटनी या फिर कारखाने बंद हो जाने के कारण नौकरी से निकाल दिया हो या फिर मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाणित हो की श्रमिक किसी चोट के चलते 40% स्थायी रूप से काम करने अक्षम है.

अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना

अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना उन श्रमिकों पर लागू होता है, जो किसी कारखाने में कार्यरत हैं  ये बीमित व्यक्ति 90 दिनों तक तक बीमा या राहत प्राप्त करने के लिए पात्र होता है. लेकिन जीवन में केवल एक बार बशर्ते घायल व्यक्ति बेरोजगारी से ठीक पहले न्यूनतम दो वर्ष की अवधि के लिए बीमा योग्य रोजगार में कार्यरत था और कम से कम 78 में योगदान दिया हो.

कृपया ध्यान दें कि COVID-19 महामारी के कारण बेरोजगारी से प्रभावित लोगों को कुछ राहत प्रदान करने के लिए, अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत एक बीमित व्यक्ति को मिलने वाला बेरोजगारी भत्ता औसत वेतन के 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया है.  बेरोजगारी की अधिकतम 90 दिनों की अवधि के लिए देय औसत वेतन और वही रोजगार खोने के 90 दिनों के विपरीत रोजगार खोने के 30 दिनों के बाद देय है और यह 31 जुलाई, 2021 तक लागू है.

क्या है प्रधानमंत्री बेरोगारी भत्ता योजना?

भारत सरकार जल्द ही देश में बेरोजगार श्रमिकों और युवाओं की मदद के लिए  प्रधानमंत्री बेरोगारी भत्ता योजना शुरू करने वाले हैं. योजना के मुताबिक, इसके तहत भारत में बेरोजगार युवाओं को रुपये के निश्चित बेरोजगारी भत्ते के रूप में वित्तीय सहायता के रूप 2,000- रु.-3,500 मासिक रुपए दिए जाएंगे.

बेरोजगारी भत्ता योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की जाएगी। सूत्रों के अनुसार पीएम बेरोजगारी भत्ता योजना का उद्देश्य देश में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या को कम करते हुए रोजगार के अवसर बढ़ाना है.

प्रधानमंत्री बेरोजगारी भत्ता योजना के लिए पात्रता और दस्तावेज

इस योजना के लिए पात्र होने के लिए आवेदक संबंधित राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए.

आवेदनकर्ता की उम्र 21 से 35 की बीच होनी चाहिए.

आवेदनकर्ता 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण होनी चाहिए और स्नातक या स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र होना चाहिए.

आवेदनकर्ता बेरोजगार होना चाहिए.

आवेदनकर्ता के परिवार की सालाना इनकम 3 लाख रुपए या उससे कम होनी चाहिए.

दस्तावेज

यहां पढ़ें प्रधानमंत्री बेरोजगारी भत्ता योजना के लिए आवेदनकर्ता को किन किन दस्तावेजों की जरूरत होगी.

  • आधार कार्ड
  • जन्म प्रमाणपत्र
  • स्थायी निवासी प्रमाण पत्र
  • बारहवीं पास सर्टिफिकेट
  • रोजगार कार्यालय पंजीकरण प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • बैंक पासबुक
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